राधे राधे बुद्धिर्बलं यशो धैर्यं निर्भयत्वमरोग्यता। अजाड्यं वाक्पटुत्वं च हनुमत्स्मरणाद्भवेत्॥ --------- बुद्धि, बल, यश, धैर्य, निर्भयता, स्वास्थ्य, चेतना, और वाक्पटुता, ये सब श्री हनुमान् जी का स्मरण करने मात्र से स्वत: प्राप्त हों जातें हैं। #हनुमानजयंती की हार्दिक बधाई #जयश्रीराम ~~~~~~~~~~~~~~~~~~ ।।श्री हनुमान द्वादश नाम स्त्रोतम्।। ~~~~~~~~~~~~~~~~~~ हनुमानजनीसूनुः वायुपुत्रो महाबलः । रामेष्टः फाल्गुनसखः पिंगाक्षोऽमितविक्रमः ॥ उदधिक्रमणश्चैव सीताशोकविनाशकः । लक्ष्मण प्राणदाताच दशग्रीवस्य दर्पहा ॥ द्वादशैतानि नामानि कपींद्रस्य महात्मनः । स्वापकाले प्रबोधे च यात्राकाले च य: पठेत् । तस्य विघ्न भयंनास्ति सर्वत्र विजयी भवेत् ॥ इस स्तुति में भगवान आञ्जनेय ( श्री हनुमान जी) के 12 नाम हैं। इसके प्रतिदिन नियमित जप से व्यक्ति को सभी कष्टों से मुक्ति मिलती हैं तथा इन सभी नामों से हनुमानजी की शक्तियों तथा गुणों का बोध होता है। साथ ही भगवान राम के प्रति उनकी सेवा भक्ति भी स्पष्ट दिखाई देती है। इसी कारण इन नामों के जप से पवनपुत्र बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं ॥ ~~~~~...